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सिर्फ खोई जमीन की तलाश में निकली एक यात्रा या कुछ और….?

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कन्याकुमारी, 07 सितंबर (गणतंत्र भारत के लिए न्यूज़ डेस्क ) : कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा शुरू हो गई है। पार्टी नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में, भारत के दक्षिणी धुर कन्याकुमारी के त्रिवेणी संगम से यात्रा की शुरुवात हुई। कांग्रेस मानती है कि इस यात्रा से देश में वैचारिक सहिष्णुता और एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।

पार्टी नेता राहुल गांधी ने यात्रा शुरू होने से पूर्व आज सुबह श्रीपेरंबुदूर में अपने पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की स्मृति में एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेरे पिता नफरत और हिंसा के शिकार बन गए। मैं इस देश से नफरत को मिटा कर रहूंगा।

कांग्रेस की इस भारत जोडो यात्रा को राजनीतिक संदर्भों में भी खासा महतत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि, भारत जोड़ो यात्रा के जरिए कांग्रेस अपनी खोई राजनीतिक जमीन को तलाशने की कोशिश कर रही है। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और साथ ही विपक्षी दल, बीजेपी के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक मोर्चे के गठबंधन की दिशा में प्रयासरत है। कांग्रेस को अपनी अहमियत साबित करनी है तो उसे अपनी ताकत को दिखाना भी होगा।

पार्टी नेता डी के शिवकुमार का कहना है कि, भारत जोड़ो यात्रा का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। पार्टी चाहती है कि उसका शीर्ष नेतृत्व लोगों के बीच जाए, उनसे संवाद करे, उन्हें सुने और उनके दर्द को साझा करे। पार्टी को भी इस दौरान अपने विचारों, देश को लेकर सोच और चिंताओं से जनता को अवगत कराने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि, पार्टी इस दौरान भाषणबाजी से बचेगी और उसका जोर अधिक से अधिक लोगों को सुनने पर होगा।

यात्रा देश के दक्षिणी छोर पर बसे कन्याकुमारी में त्रिवेणी संगम से शुरू हुई। ये वो जगह है जहां हिन्द महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी का मेल होता है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 3,570 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। 150 दिनों में ये यात्रा 12 राज्यों से होकर गुज़रेगी। जिन इलाकों से ये यात्रा नहीं गुज़रेगी वहां सहायक यात्राएं निकाली जाएंगी। इस दौरान सभी राज्यों में ख़ास कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। यात्रा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ख़त्म होगी। कांग्रेस का दावा है कि इस यात्रा के ज़रिए वो बढ़ती महंगाई और सामाजिक ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों पर आम लोगों में बहस छेड़ने की कोशिश करेगी।

भारत जोड़ो यात्रा की टैगलाइन है, मिले क़दम, जुड़े वतन। कांग्रेस ने इस यात्रा से जुड़ा एक गीत भी रिलीज़ किया है जिसके बोल हैं इक तेरा कदम, इक मेरा कदम, मिल जाए तो जुड़ जाए अपना वतन। पार्टी का कहना है कि इस यात्रा का मक़सद अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ाई, भेदभाव के खिलाफ खड़े होना और जुल्म के ख़िलाफ़ एकजुट होना है।

पार्टी का कहना है कि, यात्रा के लिए 50 हजार लोगों ने अपना पंजीकरण अब तक करा लिया है और रोजाना इनकी तादाद बढ़ती जा रही है। यात्रा में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग इलाकों से कांग्रेस कार्यकर्ता कन्याकुमारी पहुंचे। फोटोग्राफी के व्यवसाय से जुड़े सदाशिवम इस यात्रा को लेकर काफी उत्ससाहित हैं। उनकी खुशी इस बात से ज्यादा है कि कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा की शुरुवात के लिए इस त्रिवेणी संगम को चुना। वे विवेकानंद रॉक की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं कि चाहे आध्यात्मिक हो या राजनीतिक जो नेता भी  यहां आते हैं वो देश को एक नई दिशा देते हैं। भारत जोड़ो यात्रा भी देश में बदलाव लाने की शुरुवात करेगी।

स्थानीय पत्रकार, शिवा कृष्णन के अनुसार, शुरू में तो स्थानीय लोगों में यात्रा को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। उन्हें ये अंदाजा नहीं था कि यात्रा किस तरह की होगी, कौन नेता इसकी अगुवाई करेंगे और इसका मकसद क्या है लेकिन समय के साथ लोगों में इसे लेकर  उत्साह बढ़ता गया और अब तो यहां उत्सव का माहौल है।

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक मैथ्यू जॉर्ड मानते हैं कि, भारत जोड़ो से कांग्रेस को कितना फायदा होता है ये एक अलग विषय है लेकिन आज देश में जिस तरह का माहौल है कांग्रेस उससे अलग एक एजेंडे को सेट करने में सफल रही है। देखने की बात ये होगी कि वो इसे किस हद तक परवान चढ़ा पाती है।

फोटो सौजन्य—सोशल मीडिया

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