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चंडीगढ़ युनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन खत्म, SIT मामले की जांच करेगी ?

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चंडीगढ़, 19 सितंबर (गणतंत्र भारत के लिए कमल चावला ) :  चंडीगढ़ युनिवर्सिटी में छात्राओं का विरोध प्रदर्शन खत्म हेो गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। चंडीगढ़ युनिवर्सिटी को 24 सितंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। प्रदर्शकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद छात्राओं ने आंदोलन को खत्म करने का फैसला किया।

इससे पहले, ममाले पर अजीब भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। छात्राओं को पुलिस की थ्योरी पर भरोसा नहीं था। छात्राओं का आरोप था कि पुलिस मामले की लीपापोती में जुटी है। युनिवर्सिटी प्रशसन ने छात्राओं से बदसलूकी करने वाले कुछ शिक्षकों को निलंबित कर दिया था। समाचार एजेंसियों की खबरों में बताया गया है कि हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्र कैंपस छोड़ कर जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

इस मामले में पुलिस ने शिमला के रहने वाले आरोपी छात्रा के बॉय फ्रेंड सनी मेहता समेत दो लोगों को गिरफ़्तार किया है। एक अन्य शख़्स पंकज वर्मा को भी हिरासत में लिया गया है। इन लोगों को शिमला पुलिस ने पकड़ा था और पंजाब पुलिस को सौंप दिया।

चंडीगढ़ के डीआईजी जीएस भुल्लर ने इतवार को देर रात प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बात की। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे पुलिस पर भरोसा रखें और मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि हम आप के पास आते रहेंगे। हम पर भरोसा रखिए। डीआईजी भुल्लर ने कहा कि शुरुआत में इस मामले में सही ढंग से बातचीत नहीं हुई जिससे भ्रम की स्थिति बन गई, अब इसे दूर करने की कोशिश हो रही है।

छात्राओं का क्या है आरोप ?

प्रदर्शन कर रही चंडीगढ़ युनिवर्सिटी की छात्राओं का कहना था कि ये बात सरासर गलत है कि आरोपी छात्रा ने सिर्फ अपना वीडियो बनाया और उसे अपने बॉय फ्रेंड को भेजा। छात्राओं का आरोप है कि कम से कम 60 छात्राओं के बाथरूम वीडियो बनाए गए। पुलिस युनिवर्सिटी प्रशासन के दबाव में सिर्फ एक वीडियो की बात कह रही है।

पुलिस क्या कह रही है ?

पुलिस का कहना है कि जो साक्ष्य उसे मिले हैं उनसे सिर्फ एक वीडियो की बात ही जाहिर हो रही है। वो वीडियो आरोपी छात्रा का खुद का ही है। उसके फोन की फोरेंसिक जांच में भी सिर्फ एक वीडियो की बात ही सामने आई है। आरोपी छात्रा ने भी अपने बयान में यही बताया है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो पोस्ट किया गया वो भी सिर्फ एक था और वो उसी आरोपी छात्रा का था।

दरअसल, इस मामले में शुरू से ही कई पेंच रहे। आरोपी छात्रा को एक छात्रा ने तभी देखा था जब वो बाथरूम में अपना खुद का वीडियो बना रही थी। उसे किसी भी दूसरी लड़की का वीडियो बनाते नहीं पकड़ा गया। लेकिन बाद में ये दूसरी छात्राओं के वीडियो के बात कहां से आई इस बारे में कुछ साफ नहीं है। पुलिस भी यही कह रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्रा से जितनी पूछताछ हुई है और उसके फोन और दूसरी डिवासेज़ की जितनी जांच हुई है उससे सिर्फ यही बात साबित हो रही है कि उसने सिर्फ अपना वीडियो बनाया और उसे अपने बॉय फ्रेंड को भेजा।

क्या सुसाइड की खबरें भी सिर्फ अफवाह हैं ?

मोहाली के डिप्टी कमिश्नर अमित तलवार ने बताया कि युनिवर्सिटी कैंपस में किसी के आत्महत्या की कोशिश जैसा मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि, आत्महत्या करने वाली बात झूठी है। इसकी अफ़वाह फैलाई गई थी।

दूसरी तरफ, छात्राओं का कहना है कि, इस कांड के सामने आने के बाद कई लड़कियों ने सुसाइड करने की कोशिश की और उनमें से एक या दो की मौत भी हुई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न तो कोई अस्पताल कर रहा है और न ही प्रशासन इसकी पुष्टि कर रहा है।

फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया

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