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अंतरिक्ष में स्थायी नेतृत्व की दुनिया में सबसे आगे

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आईएसएस से लेकर चंद्रमा तक, सुनीता विलियम्स बताती रही हैं कि कैसे अमेरिकी टीमें विशेषज्ञता, तैयारी और नवाचार को एकीकृत करके अंतरिक्ष अभियानों को आगे बढ़ाती हैं। यह आलेख स्पैन हिंदी पत्रिका से साभार लिया गया है।

कृत्तिका शर्मा

जब नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष उड़ान के बारे में बात करती हैं, तो उनकी आवाज़ में नाटकीयता बहुत कम होती है। वे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर अपने विस्तारित प्रवास (जो आठ दिनों के लिए निर्धारित था और आठ महीनों तक खिंच गया) को तैयारी, विश्वास और निर्णय-निर्माण के संदर्भ में प्रस्तुत करती हैं। यही वे तत्व हैं जो यह समझाने में मदद करते हैं कि अमेरिका अंतरिक्ष विज्ञान और अन्वेषण के क्षेत्र में क्यों अग्रणी बना हुआ है।

विलियम्स ने हाल ही में नई दिल्ली और कोझिकोड की यात्रा के दौरान विद्यार्थियों,छात्रों, नीति – निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों सहित विभिन्न श्रोता वर्गों से संवाद किया। वे  कहती हैं कि टीम को शुरुआत से ही पता था कि समय-सीमा बदल सकती है। उनका कहना है कि, ‘हमें पता था कि यह आठ दिनों से अधिक होने वाला है क्योंकि यह एक अंतरिक्ष यान का पहला मिशन था और हमें पता था कि हमें कुछ ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।’

डॉकिंग के दौरान एक प्रोपल्शन समस्या उत्पन्न हुई, जिसके लिए उन अंतरिक्ष यात्रियों और ग्राउंड

कंट्रोल टीमों के बीच त्वरित समन्वय की आवश्यकता पड़ी, जिनके साथ उन्होंने वर्षों तक प्रशिक्षण लिया था। समाधान तकनीकी था, लेकिन उसके पीछे का आत्मविश्वास मानवीय था। इंजीनियरों ने सुरक्षित रूप से डॉक करने के लिए पर्याप्त नियंत्रण बहाल कर दिया। उस समय एक बड़ी चीज़ साफ हो गई। वे कहती है कि ‘यह जानते हुए कि हमारे सामने वो काफी बड़ी समस्या थी, हमें पता था कि हम तुरंत वापस नहीं आएंगे।’

अधिक डेटा एकत्र करने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का वह निर्णय अंतरिक्ष में अमेरिकी नेतृत्व की एक परिभाषित विशेषता को दर्शाता है। यह गति या प्रदर्शन से प्रेरित नहीं है, बल्कि संस्थागत गहराई से संचालित है।

विलियम्स के लिए, इस अनुभव का सबसे कठिन हिस्सा शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक था।  उनका कहना है कि, यह शायद उस नियंत्रण टीम के लिए अधिक भावनात्मक उतार-चढ़ाव था क्योंकि वे इतने अच्छे से प्रशिक्षित थे और वे वास्तव में जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं,  और कुछ हार्डवेयर समस्याएं उनके नियंत्रण से परे थीं।

इंजीनियरों, तकनीशियनों और मिशन योजनाकारों के प्रति वह सहानुभूति एक ऐसे अंतरिक्ष कार्यक्रम को दर्शाती है जो लोगों में दीर्घकालिक निवेश पर आधारित है। विलियम्स बताती हैं कि अंतरिक्ष यात्री किसी मिशन से पहले वर्षों तक प्रशिक्षण लेते हैं, न केवल अंतरिक्ष यान प्रणालियों में महारत हासिल करने के लिए, बल्कि उनके पीछे की संस्थाओं और क्षमताओं को समझने के लिए भी। विवरण पर यह ध्यान व्यक्तिगत मिशनों से आगे तक विस्तृत है। यह आईएसएस का आधार है, जिसे विलियम्स दो दशकों से अधिक समय से कक्षा में रहने के बाद एक परिपक्व वैज्ञानिक मंच के रूप में वर्णित करती हैं। वे कहती हैं कि, ‘अंतरिक्ष स्टेशन में वह पूरा दायरा है जिसमें कोई भी मानव शामिल हो सकता है।’

विलियम्स कहती हैं, जटिल प्रणालियों के निर्माण और रखरखाव से लेकर स्पेसवॉक के दौरान उनके बाहर काम करने तक। आईएसएस भविष्य की वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए एक परीक्षण स्थल के रूप में भी कार्य करता है। वे स्पष्ट करती है कि, वहां किया गया आधारभूत विज्ञान पृथ्वी की सबसे कक्षा में अपनी स्वयं की अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की इच्छुक कंपनियों के लिए शुरुआती बिंदु के रूप में काम कर सकता है।

सार्वजनिक निवेश से निजी नवाचार की ओर यह परिवर्तन एक प्रमुख कारण है कि अंतरिक्ष में अमेरिकी नेतृत्व निरंतर विस्तार कर रहा है। पिछले 20 वर्षों में,  पृथ्वी की निचली कक्षा में वाणिज्यिक गतिविधि तेजी से बढ़ी है, जिसे नासा के अनुभव और निगरानी से मदद मिली है। परिणामस्वरूप रॉकेट, उपग्रहों और विशेष प्रयोगों को शामिल करने वाला एक सजीव पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है, जो विज्ञान और इंजीनियरिंग में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों छात्रों के लिए नए मार्ग प्रदान करता है। विलियम्स के अनुसार ‘यह अगली

पीढ़ी के एसटीईएम (स्टेम) विद्यार्थियोंछात्रों को प्रेरित करता है क्योंकि उनके पास विभिन्न स्थानों पर काम करने के बहुत सारे अवसर होते हैं।’

आगे देखते हुए, नासा आईएसएस से मिले अनुभवों को लूनर गेटवे पर लागू कर रहा है, जो एक प्रस्तावित  स्टेशन है और यह चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा करेगा। यह अधिक मॉड्यूलर हो सकता है और स्वतंत्र रूप से संचालित होने में सक्षम हो सकता है, जिससे प्रयोग तब भी जारी रह सकें जब अंतरिक्ष यात्री उपस्थित न हों। विलियम्स के लिए, अंतरिक्ष अन्वेषण का भविष्य अंततः लोगों पर ही लौट कर आता है। वह जिन गुणों को अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए आवश्यक मानती हैं,  उनमें जिज्ञासा, प्रश्न पूछने की इच्छा, और उन मिशनों के लिए तत्परता जिनका पहले कभी प्रयास नहीं किया गया है, शामिल हैं।

यहां तक कि उनकी यात्रा के दौरान पहना गया उड़ान सूट भी उस सामूहिक भावना को दर्शाता था। यह केवल अंतरिक्ष यात्रियों का नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, मिशन नियंत्रण और अंतरिक्ष यान संचालन में शामिल हजारों लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।

वे मानती हैं कि, हो सकता है कि उनका विस्तारित मिशन मूल समय-सारिणी के अनुसार नहीं चला हो लेकिन उसने कुछ अधिक स्थायी बात को प्रदर्शित किया। अमेरिकी अंतरिक्ष कार्यक्रम की ताकत त्रुटिहीन हार्डवेयर में नहीं, बल्कि उन प्रणालियों में निहित है जिन्हें प्रतिक्रिया देने, अनुकूलित होने और सीखने के लिए डिजाइन किया गया है। इसी शांत दक्षता में, अंतरिक्ष में अमेरिकी नेतृत्व निरंतर आकार लेता रहता है ताकि वह धैर्यपूर्वक और सुनियोजित ढंग से भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सके।

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